एकता और भाईचारा
संपूर्ण भारतवर्ष में विप्र बंधुओं के बीच परस्पर प्रेम, सद्भाव और एकता को बढ़ावा देना।
संस्था का परिचय, इतिहास और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए उसका स्थायी दृष्टिकोण।
श्री अखिल भारतवर्षीय श्री खांडाल विप्र महासभा समाज की एक प्रतिष्ठित और समर्पित संस्था है। संस्था दशकों से समाज के उत्थान, गौरवमयी परंपराओं के निर्वहन और सामुदायिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में बसे खांडाल विप्र बंधुओं को एक सूत्र में पिरोने वाला साझा मंच है। सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक समय की चुनौतियों के लिए युवा पीढ़ी को तैयार करना इसका मूल उद्देश्य है।
| क्र. | अध्यक्ष | अधिवेशन | वर्ष |
|---|---|---|---|
| 1 | पं. लक्ष्मणाचार्यजी शास्त्री | मथुरा | 1908 |
| 2 | पं. छीतरमलजी बोहरा, औरंगाबाद | वृंदावन | 1909 |
| 3 | पं. चिरंजीलालजी, रेवाड़ी | दिल्ली | 1916 |
| 4 | पं. शिवलालजी जोशी, रतनगढ़ | भिवानी | 1917 |
| 5 | पं. देवीलालजी झुंझुनोदिया, मूंडवा | हिसार | 1918 |
| 6 | स्वामी बाल मुकन्दाचार्यजी, डीडवाना | रतनगढ़ | 1919 |
| 7 | स्वामी बाल मुकन्दाचार्यजी, डीडवाना | फतहपुर | 1922 |
| 8 | पं. बख्तावरलालजी माठोलिया, फिरोजपुर | खण्डवा | 1923 |
| 9 | पं. सोमदेवजी माठोलिया, मथुरा | वाशिम | 1925 |
| 10 | पं. नन्दकिशोरजी माठोलिया, जयपुर | सुजानगढ़ | 1943 |
| 11 | पं. शठकोपाचार्यजी काछवाल, डीडवाना | नवलगढ़ | 1945 |
| 12 | पं. केदारमलजी गोवला, गुवाहाटी | पुष्कर | 1948 |
| 13 | पं. नन्दकिशोरजी माठोलिया, जयपुर | टोडाभीम | 1952 |
| 14 | पं. मांगीलालजी काछवाल, आकोला | लातूर | 1955 |
| 15 | पं. बद्रीनारायणजी निढाणिया, सोलापुर | धुलिया | 1958 |
| 16 | पं. गोपीलालजी रिणवा, पुणे | जयपुर | 1960 |
| 17 | पं. खेतूमलजी, रूंठला | ढाबावाली | 1965 |
| 18 | पं. बंशीधरजी माठोलिया, बीकानेर | पुष्कर | 1970 |
| 19 | पं. नन्दकिशोरजी श्रौत्रिय, जयपुर | किशनगढ़ | 1977 |
| 20 | पं. हीरालालजी सेवदा, बीकानेर | जोधपुर | 1982 |
| 21 | पं. रामनिवासजी बणसिया, जयपुर | डीमापुर | 1989 |
| 22 | पं. रामनिवासजी बणसिया, जयपुर | फतेहपुर | 1995 |
| 23 | पं. रामलालजी गोरसिया, जयपुर | जयपुर | 2002 |
| 24 | पं. रामलालजी गोरसिया, जयपुर | गुवाहाटी | 2006 |
| 25 | पं. प्रहलाद राय जी डिडवानियां, जोधपुर | मंचरियाल | 2010 |
| 26 | पं. संजय कुमारजी श्रौत्रिय, चेन्नई | कोटा | 2013 |
| 27 | पं. मुरारीलालजी गोरसिया, जयपुर | पुष्कर | 2018 |
| 28 | पं. रामेश्वरलालजी श्रौत्रिय, जयपुर | पुष्कर | 2022 |
| 29 | पं. मोहनलालजी बोचीवाल, पिलानी | पुष्कर | पट्टिका पर अस्पष्ट |

वर्तमान महासभा अध्यक्ष
मोहनलाल बोचीवाल
समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी और भविष्य के प्रति हमारा दृष्टिकोण इन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।
संपूर्ण भारतवर्ष में विप्र बंधुओं के बीच परस्पर प्रेम, सद्भाव और एकता को बढ़ावा देना।
समाज के बच्चों और युवाओं में उच्च शिक्षा के साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का संवर्धन।
समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और पूर्वजों की विरासत को सुरक्षित रखना।
कैरियर, स्वरोजगार और कौशल विकास के माध्यम से युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना।
धार्मिक अनुष्ठान, सम्मेलन और सामुदायिक कार्यक्रमों से सहभागिता को सशक्त करना।